दिल्ली लाल किले कार ब्लास्ट 2025: मौतों की संख्या 13, जांच में खुला बड़ा आतंकवादी षड़यंत्र | - Tezbreaking24
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गुरुवार, 13 नवंबर 2025

दिल्ली लाल किले कार ब्लास्ट 2025: मौतों की संख्या 13, जांच में खुला बड़ा आतंकवादी षड़यंत्र |

 दिल्ली लाल किले कार ब्लास्ट 2025: मौतों की संख्या बढ़कर 13, जांच में खुला बड़ा आतंकवादी षड़यंत्र

✍️रिपोर्ट: कृष्ण कुमार | TezBreaking24 |

13 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली में एक भयानक हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास एक कार ब्लास्ट हुआ, जिसमें अब तक की पुष्टि के अनुसार 13 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह धमाका केवल एक अलग घटना नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि कुल 32 वाहनों को अलग-अलग शहरों में हमलों के लिए तैयार किया जा रहा था, जिससे यह पता चलता है कि यह केवल एक ब्लास्ट नहीं बल्कि सीरियल अटैक की योजना थी।

ब्लास्ट की घटना और तुरंत प्रभाव

सोमवार की शाम लगभग 6:52 बजे, लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास सफेद रंग की Hyundai i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और आसपास की कई गाड़ियां और दुकानों के कांच टूट गए। भीड़ में भगदड़ मच गई और लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। धमाके के कारण कई राहगीर और आसपास की गाड़ियों में सवार लोग घायल हुए। घटना स्थल पर दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।

इस धमाके ने न केवल राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि आम जनता में डर और चिंता भी बढ़ा दी। लाल किला और उसके आस-पास का क्षेत्र राष्ट्रीय महत्व का है, इसलिए इसका हमले के लिए चुना जाना एक प्रतीकात्मक और रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।


जांच और आतंकवादी कनेक्शन

जांच के तहत यह सामने आया कि धमाके में शामिल कार के चालक की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में हुई है। उनके DNA सैंपल से यह पुष्टि हुई कि वह कार में मौजूद थे।

जांच में और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • धमाके के पीछे एक बड़ा आतंकवादी नेटवर्क होने का संकेत मिला है।

  • कई वाहनों को धमाके के लिए तैयार किया जा रहा था, कुल मिलाकर 32 वाहनों में विस्फोटक सामग्री रखी जा रही थी।

  • दस्तावेज और डायरी में 8 से 12 नवंबर के बीच की तारीखों और लगभग 25 लोगों के नाम दर्ज हैं, जो इस योजना में शामिल थे।

  • विस्फोटक सामग्री में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल, डेटोनेटर और NPK उर्वरक शामिल थे।

  • जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन रखता है।

इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि आतंकवादी अब सफेदपोश और पेशेवर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें शामिल कुछ लोग उच्च शिक्षा प्राप्त थे और इनका उद्देश्य केवल हिंसा नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर भय फैलाना था।


सुरक्षा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

सरकार ने इस धमाके को “भयानक आतंकवादी कृत्य” बताया और पूरे देश में सुरक्षा बढ़ा दी। दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में सभी महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन, सार्वजनिक स्थल और ऐतिहासिक धरोहरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने मृतक परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की राहत राशि की घोषणा की है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार संदिग्धों की तलाश में लगी हुई हैं।

इसके अलावा, सरकार ने आम जनता से सावधान रहने और संदिग्ध वस्तुओं या वाहनों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।


मानव और सामाजिक असर

इस धमाके में 13 लोगों की जान गई और कई घायल हुए। आम लोग, राहगीर और परिवारिक लोग अचानक हुए धमाके की चपेट में आ गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाके के बाद सड़क पर चीख-पुकार मची और आग फैल गई।

सामाजिक मीडिया पर लोग अपने गुस्से और डर को व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग राहत कार्यों और घायल व्यक्तियों के लिए मदद की अपील कर रहे हैं।

यह घटना यह भी दर्शाती है कि आतंकवादी अब सार्वजनिक और व्यस्त इलाकों को अपने हमलों के लिए चुन रहे हैं। इससे राजधानी में आम जनता की सुरक्षा चिंता का प्रमुख विषय बन गई है।


आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा

जांच एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा होना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में निम्नलिखित कदम उठाए जाने की संभावना है:

  1. संदिग्धों की त्वरित गिरफ्तारी और सार्वजनिक अपडेट — जनता को भरोसा दिलाने के लिए पूरी जानकारी साझा करना।

  2. वाहनों और पार्किंग क्षेत्रों की सख्त निगरानी — पुराने वाहनों के इस्तेमाल पर रोक और सुरक्षा जांच।

  3. इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करना — दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में एजेंसियों का समन्वय।

  4. महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल और धरोहरों की सुरक्षा बढ़ाना — लाल किला, मेट्रो स्टेशन, बाजार और पर्यटन स्थल।

  5. सामुदायिक सतर्कता — आम जनता को सतर्क रहना और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करना।

  6. आतंकवाद के मूल कारणों का पता लगाना — पेशेवर और उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्तियों को इस तरह के नेटवर्क में शामिल होने से रोकने के उपाय।


निष्कर्ष

लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट ने यह साबित कर दिया कि आतंकवादी अब और अधिक योजना बद्ध और पेशेवर तरीके से हमले कर रहे हैं। यह केवल एक स्थानीय घटना नहीं थी, बल्कि एक बड़े आतंकवादी षड़यंत्र का हिस्सा थी।

इस घटना में 13 निर्दोष लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए। जांच एजेंसियों पर अब जनता की निगाहें टिकी हैं कि वे इस नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त करें, जिम्मेदारों को गिरफ्तार करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं।

दिल्ली और पूरे देश को इस हादसे से सीख लेनी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि जनता सुरक्षित रहे और आतंकवाद का कोई भी खतरा भविष्य में सफल न हो।


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