बिहार चुनाव 2025 : पहले चरण की तैयारियों में बीजेपी और जेडीयू ने फाइनल किया अपना घोषणापत्र, जनता के भरोसे पर बड़ा दांव
✍️रिपोर्ट: कृष्ण कुमार | TezBreaking24 |
घोषणापत्र जारी करने से पहले रणनीति बैठक
पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय में रविवार देर रात तक शीर्ष नेताओं की लंबी बैठक चली। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह मौजूद थे।
बैठक में सीटों के बंटवारे, प्रचार अभियान और घोषणापत्र के बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनी। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों ने यह तय किया है कि घोषणापत्र में केवल वही वादे शामिल किए जाएँगे जिन पर वास्तविक रूप से अमल संभव है।
घोषणापत्र की प्रमुख बातें
1. रोज़गार और स्टार्टअप पर फोकस
गठबंधन ने वादा किया है कि अगले 5 वर्षों में बिहार में 15 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
राज्य में “बिहार स्टार्टअप मिशन 2.0” की शुरुआत होगी, जिसके तहत युवाओं को बिना गारंटी लोन और सरकारी सहयोग से बिजनेस ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसके अलावा, प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई गई है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़े।
2. कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाएँ
किसानों के लिए “स्मार्ट एग्रीकल्चर मिशन” की घोषणा की गई है।
इस योजना के तहत किसानों को मुफ्त मिट्टी परीक्षण, फसल बीमा, और सिंचाई के लिए सोलर पंप दिए जाएंगे।
नीतीश कुमार ने कहा कि “अब खेती को घाटे का सौदा नहीं, लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा।”
3. महिलाओं के सशक्तिकरण पर ज़ोर
महिलाओं के लिए गठबंधन ने “मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना” का विस्तार करने का वादा किया है।
महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को ब्याज मुक्त ऋण और डिजिटल स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।
साथ ही, सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में “नारी सुरक्षा अभियान” के तहत हर जिले में महिला हेल्प सेंटर खोले जाएंगे।
4. शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में “स्कूल टू स्किल मिशन” लाया जाएगा, जिसमें 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को डिजिटल और टेक्निकल एजुकेशन दी जाएगी।
हर ब्लॉक में एक मॉडल हेल्थ सेंटर की स्थापना होगी और टेलीमेडिसिन सेवाओं को गांव-गांव तक पहुँचाया जाएगा।
5. बुनियादी ढांचा और उद्योग
घोषणापत्र में राज्य के 10,000 किलोमीटर नई सड़कों, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, और ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है।
राज्य में IT और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित करने की योजना भी शामिल की गई है ताकि बिहार को डिजिटल इंडिया मिशन से जोड़ा जा सके।
घोषणापत्र जारी करते समय क्या बोले नेता?
“यह घोषणापत्र बिहार की आकांक्षाओं का दस्तावेज़ है। हमने पिछले कार्यकाल में जो वादे किए, उनमें 85% पर काम पूरा हुआ है। आने वाले 5 वर्षों में हम बिहार को उद्योग, शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनाएंगे।”
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा,
“हमारा लक्ष्य केवल सत्ता में रहना नहीं, बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है। हमारी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार रहेगी। यह घोषणापत्र हमारी विकास यात्रा का अगला पड़ाव है।”
विपक्ष ने उठाए सवाल
राजद (RJD) और कांग्रेस ने गठबंधन के घोषणापत्र को “पुराने वादों की पुनरावृत्ति” बताया।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“बीजेपी-जेडीयू को पहले यह बताना चाहिए कि 2020 में किए गए वादों का क्या हुआ? बेरोजगारी दर पहले से ज्यादा है और युवा अब भी पलायन कर रहे हैं।”
वहीं कांग्रेस ने कहा कि “घोषणापत्र में जमीन पर उतरने वाली योजनाओं की कमी है। केवल आंकड़ों का खेल खेला जा रहा है।”
पहले चरण की 94 सीटों पर सघन प्रचार अभियान
पहले चरण में 94 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इनमें सीमांचल, मगध और कोसी क्षेत्र शामिल हैं।
गठबंधन ने इन क्षेत्रों में संयुक्त जनसभाओं और वर्चुअल रैलियों का कार्यक्रम तय कर लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार 5 संयुक्त रैलियाँ करेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह लगभग 12 सभाओं को संबोधित करेंगे।
जेडीयू और बीजेपी दोनों ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, पहली सूची में 25 बड़े नेताओं के नाम हैं, जिनमें युवा चेहरों को खास तवज्जो दी गई है।
जनता के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा प्रचार
गठबंधन के प्रचार अभियान का फोकस होगा —
-
रोजगार और विकास की उपलब्धियाँ
-
कानून व्यवस्था में सुधार
-
महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन
-
इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य की प्रगति
प्रचार सामग्री में “बिहार बदला है, आगे बढ़ा है” टैगलाइन इस्तेमाल की जाएगी।
सोशल मीडिया पर नया कैंपेन
बीजेपी-जेडीयू ने डिजिटल प्रचार को भी मजबूती देने का फैसला किया है।
“#VikasKaNayaDaur” और “#Bihar2025” नाम से सोशल मीडिया कैंपेन शुरू होगा।
इस कैंपेन के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X (ट्विटर) पर छोटे वीडियो, शॉर्ट क्लिप्स और ग्राफिक पोस्ट साझा किए जाएंगे।
गठबंधन की चुनावी रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बीजेपी और जेडीयू का इस बार का फोकस युवा मतदाता और पहली बार वोट डालने वाले वर्ग पर है।
दोनों दल जानते हैं कि 18 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के मतदाता बिहार में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
इसके लिए “युवा संवाद कार्यक्रम” शुरू किया गया है, जिसमें कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में छोटे-छोटे समूहों में संवाद किया जाएगा।
जनता का मूड क्या कहता है?
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिहार की जनता घोषणापत्र को लेकर उत्सुक है, लेकिन कई जगहों पर लोग पिछले वादों की समीक्षा भी कर रहे हैं।
गया जिले के एक किसान रामनारायण यादव ने कहा,
“अगर सच में रोजगार और खेती की स्थिति सुधरेगी तो हम इस बार भी वोट देंगे, लेकिन पहले के वादे आधे ही पूरे हुए।”
वहीं, पटना यूनिवर्सिटी के छात्र अभिषेक कुमार का कहना है,
“रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। जो पार्टी युवाओं को मौके देगी, वही जीतेगी।”
निष्कर्ष
बीजेपी और जेडीयू का संयुक्त घोषणापत्र इस बार व्यवहारिक और विकास केंद्रित दिख रहा है।
जहाँ एक ओर गठबंधन सरकार अपने कामों को गिनाकर भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष पुराने वादों का हिसाब मांग रहा है।
पहले चरण के मतदान से पहले घोषणापत्र का यह ऐलान निश्चित रूप से बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है।
अब देखना यह होगा कि जनता इस विकास के वादे पर भरोसा जताती है या बदलाव की तलाश में किसी नए चेहरे को मौका देती है।
#BiharElections2025 #BJPJDU #BiharPolitics #TezBreaking24 #BiharNews #ElectionManifesto #BiharFirstPhase #NitishKumar #SamratChoudhary #BiharDevelopment




कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें