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बुधवार, 29 अक्टूबर 2025

PM-Kisan Samman Nidhi | केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई | 31 लाख किसान होंगे लिस्ट से बाहर – जानें पूरा सच |

🇮🇳 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: 31 लाख किसानों पर संकट, सरकार ने शुरू की सख्त जांच

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025:

✍️रिपोर्ट: कृष्ण कुमार | TezBreaking24 |

देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों से जुड़ी खबर सामने आई है।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत मिलने वाले लाभ की समीक्षा शुरू कर दी है। इस जांच में 31 लाख किसानों को सूची से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार का कहना है कि यह कदम योजना को “पारदर्शी और निष्पक्ष” बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि असली किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।


क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
इसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो तीन समान किस्तों (₹2,000–₹2,000–₹2,000) में सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाते हैं।

अब तक सरकार 15 से अधिक किस्तें जारी कर चुकी है, और करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि देशभर के किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है।


सरकार ने क्यों शुरू की जांच?

हाल के महीनों में केंद्र को कई राज्यों से यह शिकायत मिली थी कि कुछ लोग बिना पात्रता के किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी

  • आयकरदाता व्यक्ति

  • जो अब खेती नहीं करते

  • जिनके नाम पर जमीन नहीं है

  • एक ही परिवार से कई सदस्य एक साथ लाभ ले रहे हैं

ऐसे मामलों की पुष्टि के बाद सरकार ने योजना की राष्ट्रीय स्तर पर डेटा जांच शुरू की है।


जांच की प्रक्रिया कैसे चलेगी?

कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलेवार किसान सूची की समीक्षा करें।
हर किसान की आधार संख्या, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।

साथ ही, e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन) को अनिवार्य कर दिया गया है।
जो किसान e-KYC पूरी नहीं करेंगे, उनकी अगली किस्त रोक दी जाएगी।

राज्यों को यह भी कहा गया है कि वे प्रत्येक किसान का भू-अभिलेख सत्यापन करवाएं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लाभ केवल असली किसानों तक ही पहुंचे।


किसानों के नाम हटाने के मुख्य कारण

  1. डुप्लीकेट लाभार्थी: एक ही परिवार के कई सदस्य एक साथ लाभ ले रहे थे।

  2. आयकरदाता किसान: जो व्यक्ति टैक्स फाइल करते हैं, वे पात्र नहीं हैं।

  3. सरकारी कर्मचारी: सरकारी या अर्धसरकारी नौकरी करने वालों को लाभ नहीं मिल सकता।

  4. भूमिहीन लाभार्थी: जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन नहीं है।

  5. अपडेट न हुआ डेटा: जिनकी e-KYC या बैंक जानकारी गलत या अधूरी है।


किसान कैसे करें अपनी स्थिति की जांच

अगर आप किसान हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आप इस योजना में पात्र हैं या नहीं।
इसके लिए आप घर बैठे ही नीचे दिए गए तरीके से जांच सकते हैं:

  1. वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाएं।

  2. Beneficiary Status” पर क्लिक करें।

  3. अपना मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालें।

  4. “Get Data” पर क्लिक करें।

  5. अब आपके नाम, भुगतान स्थिति और किस्त की जानकारी दिखाई देगी।

अगर आपका नाम “Pending Verification” या “Ineligible” दिखा रहा है, तो तुरंत अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी या CSC केंद्र से संपर्क करें।


किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह


कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसान घबराएं नहीं।

जिनके दस्तावेज़ सही हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

👉 किसान निम्न बातें ध्यान में रखें:

  • e-KYC अपडेट करें: यह योजना के लिए अनिवार्य है।

  • सही बैंक खाता लिंक करें: ताकि भुगतान समय पर पहुंचे।

  • भूमि अभिलेख सही रखें: गलत जानकारी मिलने पर लाभ रुक सकता है।

  • SMS अलर्ट सक्रिय करें: ताकि किस्त आने की जानकारी मिलती रहे।


राज्यों की जिम्मेदारी क्या है?

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को यह जिम्मेदारी दी है कि वे जल्द से जल्द अपनी लाभार्थी सूची अपडेट करें।
राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपात्र किसानों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाएं और पात्र किसानों को जोड़ें।

इसके लिए डिजिटल सर्वे सिस्टम और सॉफ्टवेयर आधारित डेटा मिलान का उपयोग किया जा रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर धोखाधड़ी न हो।


किसानों की राय क्या है?

कुछ किसान इस जांच को लेकर चिंतित हैं कि कहीं उनका नाम सूची से न हट जाए।
लेकिन अधिकतर किसान इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

बिहार के मधेपुरा जिले के किसान सुरेश यादव कहते हैं,

“सरकार अगर सही किसानों तक पैसा पहुंचाने के लिए जांच कर रही है तो यह स्वागत योग्य है।
जिन लोगों ने गलत तरीके से फायदा लिया है, उन्हें हटाना चाहिए।”

वहीं, महाराष्ट्र की किसान मंजू ताई ने कहा,

“हमें उम्मीद है कि अब से भुगतान समय पर मिलेगा और जिनका हक है, उन्हें ही लाभ मिलेगा।”


अब तक कितने किसानों को लाभ मिला

2025 तक इस योजना के अंतर्गत देशभर में 11.8 करोड़ किसान पंजीकृत हैं।
इनमें से करीब 31 लाख किसानों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई है।

केंद्र सरकार का अनुमान है कि जांच पूरी होने के बाद योजना और अधिक पारदर्शी बन जाएगी और पात्र किसानों की संख्या लगभग 10.5 करोड़ के आसपास स्थिर रहेगी।


21वीं किस्त कब जारी होगी?

सूत्रों के अनुसार, 21वीं किस्त नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी।
लेकिन जिन किसानों ने अपनी e-KYC या भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए हैं, उनकी किस्त रोक दी जाएगी जब तक कि दस्तावेज सत्यापित नहीं हो जाते।

इस बार भुगतान सीधे बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाएगा।


किसान सम्मान निधि योजना का असली उद्देश्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना और उन्हें खेती से जुड़ी अनिश्चितताओं से राहत देना है।
इस योजना ने छोटे किसानों को न केवल आर्थिक सहयोग दिया है, बल्कि उन्हें डिजिटल इंडिया मिशन से भी जोड़ा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ लागू होती रही, तो आने वाले वर्षों में यह भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच बन सकती है।


 किसानों के लिए यह जांच वरदान साबित हो सकती है

यह जांच पहली नजर में सख्त जरूर लग सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह किसानों के लिए एक वरदान साबित होगी।
क्योंकि इससे योजना से जुड़े फर्जी नाम हटेंगे, और असली किसानों को उनका हक मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि किसान सम्मान निधि योजना “हर सच्चे किसान तक, बिना बिचौलिये के” पहुंचे।
अगर आप किसान हैं, तो यह आपका अधिकार है कि आप इस योजना में बने रहें — बस जरूरी है कि आप अपने सभी दस्तावेज अपडेट रखें।

 “किसान देश की रीढ़ है, और किसान का सम्मान ही भारत का सम्मान है।”




स्रोत: कृषि मंत्रालय, भारत सरकार

संपादन: TezBreaking24 न्यूज़ डेस्क
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